बाल विवाह कानूनन अपराध, हो सकती है 2 साल की सजा व एक लाख का जुर्माना

बाल विवाह कानूनन अपराध, हो सकती है 2 साल की सजा व एक लाख का जुर्माना
कैराना के जाकिर मैमोरियल इंटर कालेज में बाल विवाह मुक्त समाज को लेकर हुआ कार्यक्रम बाल विवाह में शामिल होने वालों पर भी हो सकती है कडी कार्रवाई

शामली। कैराना के जाकिर मैमोरियल इंटर कालेज मंे बाल विवाह मुक्त समाज की दिशा मंे जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है इसके लिए सजा का प्रावधान भी है। बाल विवाह से बालिकाओं के शारीरिक, मानसिक एवं शैक्षिक विकास पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
जानकारी के अनुसार बुधवार को कालेज मंे आयोजित कार्यक्रम मंे महिला कल्याण विभाग की अजरा खान ने बताया कि बाल विवाह विवाह का एक ऐसा प्रकार है जिसमें लड़की की आयु 18 वर्ष से कम एवं लड़के की आयु 21 वर्ष से कम होने के बावजूद विवाह कर दिया जाता है, जो कि पूर्णतः गैर-कानूनी है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह से बालिकाओं के शारीरिक, मानसिक एवं शैक्षिक विकास पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु में बालिकाओं का तथा 21 वर्ष से कम आयु में बालकों का विवाह कराना कानूनन अपराध है, जिसके लिए 2 वर्ष तक का कठोर कारावास अथवा 1 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त बाल विवाह में सम्मिलित सभी व्यक्ति, जैसे बराती, फोटोग्राफर, टैंट, कैटरिंग संचालक, मौलवी, पंडित, बैंड संचालक आदि के विरुद्ध भी विधिक कार्यवाही की जा सकती है। उन्होंने बताया कि जनपद मंे जिला प्रोबेशन अधिकारी को जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी नामित किया गया है, जिनके माध्यम से बाल विवाह की रोकथाम हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाती है। उन्हांेने आम जनमानस से भी अपील की कि वे बाल विवाह होने या इसका संदेह होने की सूचना प्रशासन को दंे ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा नजदीकी पुलिस थाना, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, 112 या 181 पर भी सूचना दी जा सकती है। चाइल्ड हेल्पलाइन से रतन सिंह ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर कुलदीप शर्मा, प्रधानाचार्य मारूफ चौधरी सहित कालेज का समस्त स्टाफ भी मौजूद रहा।