फसल व चक पर कब्जा करने से क्षुब्ध महिला ने किया आत्महत्या का प्रयास

फसल व चक पर कब्जा करने से क्षुब्ध महिला ने किया आत्महत्या का प्रयास

उपसंचालक चकबंदी न्यायालय में मचा हडकंप, पुलिस व कर्मचारियों ने किसी तरह महिला को किया शांत

पीडिता ने मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार, न्याय न मिलने पर दोबारा आत्महत्या करने की चेतावनी 

 

शामली। कांधला क्षेत्र के गांव सुन्ना निवासी एक महिला ने गांव के ही कुछ दबंगों पर उनकी फसल व चक पर कब्जा करने से क्षुब्ध होकर उपसंचालक चकबंदी के न्यायालय में आत्महत्या का प्रयास किया जिससे वहां हडकंप मच गया।

मौके पर मौजूद अधिकारियांे व कर्मचारियांे ने किसी तरह महिला को समझा बुझाकर शांत किया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गयी। पीडिता ने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर उसकी समस्या के समाधान की मांग की, वहीं न्याय न मिलने पर दोबारा आत्महत्या करने की भी चेतावनी दी।

जानकारी के अनुसार कांधला क्षेत्र के गांव सुन्ना निवासी संगीता शुक्रवार को उपसंचालक चकबंदी के न्यायालय पहुंची तथा अपने साथ लाए गए मिट्टी का तेल छिडक लिया, इससे वहां मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियांे में हडकंप मच गया। कर्मचारियों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तथा किसी तरह महिला को समझा बुझाकर शांत किया। संगीता ने बताया कि वर्ष 2022 में नए चकों पर किसानों को कब्जा दिलाया गया था। उसका अपने विपक्षणीगणों से चकबंदी मंे मुकदमा चल रहा है। विपक्षियों ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में वाद भी दायर किया था लेकिन न्यायालय ने उसे खारिज कर दिया था। इसके अलावा उपसंचालक चकबंदी परमानंद झा के न्यायालय से भी विपक्षियों का प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया गया था लेकिन इसके बावजूद भी विपक्षीगणों ने उसकी भूमि पर बोई गई फसल व चक पर कब्जे का प्रयास शुरू कर दिया। उसने इसकी शिकायत अधिकारियांे से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयीॅ। संगीता ने बताया कि उसका पति धर्मेन्द्र मंदबुद्धि है। घर में शादी लायक एक जवान पुत्री भी है, उसकी शादी के लिए भी उसके पास पैसा नहीं है। इसी भूमि से वह अपना व परिवार का पालन पोषण कर रही है। बार-बार चक्कर काटने के बावजूद भी उसे न्याय नहीं मिल रहा। उसने मुख्यमंत्री को भी प्रार्थना पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई, साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि उसे न्याय न मिला तो वह दोबारा आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाएगी।