दवा व्यापारियों के सामने आ रही चुनौतियांे पर किया गया विचार विमर्श
दवा व्यापारियों के सामने आ रही चुनौतियांे पर किया गया विचार विमर्श

वाराणसी की सप्तसागर दवा मंडी में पुलिस कार्रवाई पर जताया आक्रोश
सरकार से प्रतिबंधित दवाईयांे की अधिकृत सूची जारी करने की भी उठाई

शामली। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने दवा व्यापारियों के सामने आ रही चुनौतियों, एक माह से वाराणसी की सप्तसागर दवा मंडी मंे हो रही पुलिस कार्रवाई के कारण शामली जनपद व आसपास के दवा व्यापार पर पड रहे विपरीत प्रभाव पर चर्चा की गयी। बैठक में सरकार से प्रतिबंधित दवाईयों की अधिकृत व अद्यतन सूची जारी करने की भी मांग की गयी ताकि दवा व्यापारी अपना व्यवसाय को बिना किसी डर के संचालित कर सके।
जानकारी के अनुसार बुधवार को संगठन की एक बैठक कमला कालोनी स्थित सिंघल मेडिकोज पर आयोजित की गयी। बैठक में वरिष्ठ पदाधिकारियों ने प्रदेशभर में दवा व्यापारियों के सामने उत्पन्न चुनौतियों, विशेषकर वाराणसी की सप्तसागर दवा मंडी में लगभग एक माह से निरंतर हो रही पुलिस कार्यवाही के कारण जनपद शामली एवं आसपास के व्यापार पर पड़े गंभीर प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अंकित गोयल ने कहा कि सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत एवं आसपास के जनपदों के दवा व्यापारी भय और अनिश्चितता के वातावरण में व्यापार कर रहे हैं, जिससे कारोबारी गतिविधियाँ लगभग स्थिर हो गई हैं। यह स्थिति प्रदेश के दवा कारोबार एवं चिकित्सा सेवा दोनों के लिए हानिकारक है। उन्होंने सरकार से सभी प्रतिबंधित और नियंत्रित दवाओं की अधिकृत सूची प्रकाशित करने, विभागीय जांच में स्पष्ट दिशानिर्देश और मानक लागू किए जाने, व्यापारियों को उनके कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों से अवगत कराया जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि संगठन किसी भी प्रकार के नशीले या प्रतिबंधित दवाओं के व्यापार का समर्थन नहीं करता। बैठक मंे जिला महामंत्री संजीव कुमार, पवन संगल, अनिल भार्गव, अनुराग जैन, राहुल गोयल, शिवचरण संगल, रविन्द्र किशोर गोयल, प्रमोद गुप्ता आदि भी मौजूद रहे।





















































