कोहरे से निजात लेकिन कडाके की ठंड से जीवन मुहाल 

कोहरे से निजात लेकिन कडाके की ठंड से जीवन मुहाल 

ठिठुरन से लोगों के हाथ-पांव हुए सुन्न, घरों मंे दुबके लोग, जनजीवन प्रभावित
ठंड में सबसे ज्यादा बुजुर्गों को हो रही परेशानी, अलाव पर हाथ ताप रहे लोग
शामली। पिछले करीब एक सप्ताह से जारी शीतलहर व कड़ाके की ठंड से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नए साल के पहले दिन भी ठंड व शीतलहर से बचने के लिए लोग दिनभर घरों में दुबके रहे, सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों को झेलनी पड़ी। बुजुर्ग व बच्चे पूरे दिन रजाई व कंबल में लिपटे रहे। ठंड के कारण बाजारों में भी चहल-पहल कम ही रही। पूरे दिन धूप के दर्शन भी नहीं हो सके।
जानकारी के अनुसार इन दिनों कडाके की ठंड ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर रखा है। दो-तीन दिन से कोहरे से तो राहत मिली हुई है लेकिन ठंड से लोग बुरी तरह बेहाल हो रहे हैं। नए साल के पहले दिन भी कडाके की ठंड ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। पूरे दिन धूप के दर्शन न होने से स्थिति और ज्यादा विकट हो गयी। ठंड के कारण लोग अपने-अपने घरों मंे ही दुबके रहे। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों को झेलनी पडी। बच्चे भी घरों में रजाईयांे मंे दुबके रहे। ठंड के कारण लोगों के हाथ-पांव सुन्न पड रहे हैं जिस कारण उन्हंे अलाव पर हाथ तापने पड रहे हैं लेकिन ज्यादा राहत नही मिल पा रही है। कड़ाके की ठंड का सबसे अधिक असर खेत-खलिहानों में काम कर रहे किसानों पर पड़ रहा है। ठंड के बावजूद किसान अपने-अपने खेतों मंे काम करने पर मजबूर है। शीतलहर की चपेट में आकर पशु व पक्षी भी ठिठुरन के कारण दुबके हुए नजर आ रहे हैं। शाम होने पर सर्दी का सितम फिर से बढ़ने लगा और बाजार भी सुनसान हो गए।