पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बैंच की मांग
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बैंच की मांग
भाकियू प्रधान ने केन्द्रीय कानून मंत्री को भेजा ज्ञापन, कहाः बैंच न होने से वादकारियों को होती है परेशानी

शामली। भारतीय किसान यूनियन प्रधान ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश मंे हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर केन्द्रीय कानून मंत्री को ज्ञापन भेजा है। संगठन ने कहा कि हाईकोर्ट बैंच न होने के कारण वादकारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पडता है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन प्रधान के पदाधिकारियों ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर केन्द्रीय कानून मंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। प्रदेशाध्यक्ष चौ. राजेन्द्र सिंह पंवार ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बडा राज्य है, जिसकी आबादी करीब 25 करोड है। इतने बडे प्रदेश के लिए केवल एक उच्च न्यायालय इलाहाबाद व उसकी एक मात्र खंडपीठ लखनऊ में है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लगभग 22 जिलांे के नागरिकों को न्याय पाने के लिए इलाहाबाद तक 500 से 700 किलोमीटर तक का सफर करना पडता है जिससे समय व धन की काफी हानि होती है। उपलब्ध आंकडों के अनुसार इलाहाबाद हाईकोर्ट मंे लंबित मामलों मंे से 50 प्रतिशत से अधिक मामले पश्चिमी उत्तर प्रदेश से संबंधित हैं। इसके बावजूद भी इस क्षेत्र में अब तक हाईकोर्ट बैंच स्थापित नहीं की गयी है। उन्होंने केन्द्रीय कानून मंत्री से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बैंच की स्थापना करने की मांग की है। इस अवसर पर संजीव, सन्नी निर्वाल एडवोकेट आदि भी मौजूद थे।





















































