कैराना तहसील में भाकियू ने धरना प्रदर्शन कर दी, चेतावनी

कैराना तहसील में भाकियू ने धरना प्रदर्शन कर दी, चेतावनी

– वन विभाग द्वारा किसानों की जमीन हड़पने का लगाया आरोप

– किसानों ने तहसील में हो रहे भ्रष्टाचारों एक एक चिट्ठा खोला

– सांसद इकरा हसन ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों को दिया समर्थन

कैराना : भारतीय किसान यूनियन टिकैत की ओर से तहसील में सैकड़ों किसानों की मौजूदगी में धरना प्रदर्शन किया गया। जिसमें वन विभाग की जद में आए किसानों को राहत दिलाने व तहसील में फैले भ्रष्टाचार को खत्म करने व अधिकारियों को खुली चेतावनी दी गई। सांसद इकरा हसन ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों की समस्या को सदन में उठाने व कानूनी कार्रवाई स्वयं कराने का आश्वासन दिया।


सोमवार को तहसील परिसर में भारतीय किसान यूनियन टिकैत के बैनर तले जिला अध्यक्ष शांता प्रधान की अध्यक्षता में किसानों ने धरना प्रदर्शन किया गया। सांसद इकरा हसन ने धरना प्रदर्शन में पहुंचकर किसानों को समर्थन देते हुए कहा कि उनकी लड़ाई को संसद में हम लड़ने का काम करेंगे। अंगपुर के लोग एक गांव को बचाने के लिए सामने आ सकते हैं। तो 32 गांवों को भी बचाया जाएगा। प्रशासन के दबाव में पैसे देकर काम कराने वालों से बचिए। किसान की कोई बिरादरी नहीं होती हैं। अपने आप को कमजोर न समझे। सांसद की मौजूदगी में कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो उन्होंने कहा कि मध्य आकर कम से कम इन किसानों की बात सुने। वहीं उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि किसानों की जमीनों पर भी कब्जे के लिए नहीं जाए। प्रदेश उपाध्यक्ष कपिल खाटीयान ने कहा कैराना तहसील के 9 व ऊन के 21 गांवों के किसानों की लगभग छियालिसों एकड़ भूमि वन विभाग की जद में आने के विरोध में भाकियू के पदाधिकारी किसान व मजदूर लामबंद हैं। किसानों की भूमि हड़पने नहीं दी जाएगी। प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार ने कहा
लड़ाई में एकजुटता जरूरी है। प्रशासन जब कब्जा लेने जाए तो महिलाओं को भी साथ रख कर जमकर विरोध कीजिए। संचालन मंडल महासचिव चौधरी गय्यूर हसन, प्रदेश संगठन मंत्री मास्टर जाहिद, जिला सचिव चौधरी गुरदीप सिंह, नगर अध्यक्ष शामली अमरपाल बालियान, युवा मंडल महासचिव मोहित शर्मा, मंडल सचिव पुष्कर सैनी, तहसील अध्यक्ष मिंटू, अब्बास प्रमुख, मंडल महासचिव वकील चौहान, कैराना अध्यक्ष इनाम उर्फ कालू, नवाब आदि मौजूद रहें।

एसडीएम धरना स्थल पर देरी से पहुंची, भड़के किसान नेता

कैराना: तहसील में जारी धरना प्रदर्शन में किसानों ने तहसील प्रशासन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। वहीं जमकर निशाना साधते हुए सुधार करने की चेतावनी दी गई

प्रातः 11 बजे से सायं साढ़े तीन बजे तक तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान किसानों के मध्य देरी से पहुंची एसडीएम निधि भारद्वाज लेट होने पर किसान यूनियन के पदाधिकारी नाराज हो गए। जिसके बाद तहसील के कार्यालयों पर चेन डालकर ताले लगाने की चेतावनी दी गई। जिसके बाद कोतवाली प्रभारी समयपाल अत्री ने किसानों से वार्ता कर एसडीएम निधि भारद्वाज को साथ लेकर धरना स्थल पर पहुंचे। किसानों ने एसडीएम को कहा कि प्रशासन की हठधर्मिता का इलाज भारतीय किसान यूनियन हैं। तहसील में तैनात लेखपालों को स्पष्ट कहे कि किसानों का शोषण बंद कर दे। किसानों की भूमि की पैमाईश में गड़बड़ न करें। चक मार्गो को कब्जा मुक्त कराया जाए। एसडीएम से ब्लेहड़ा व पठेड गांव की खतौनी पर लगी रोक को हटवाने की मांग की गई। जिसके बाद एसडीएम ने दोनों गांवों की खतौनी जारी करने का आश्वासन दिया। एसडीएम के संतोष जनक जवाब से संतुष्ट किसानों ने धरना प्रदर्शन का समापन किया। इस दौरान भारी पुलिस फोर्स व एलआईयू सर्तक दिखाई दिया।

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प्रशासन की हठधर्मिता का इलाज भारतीय किसान यूनियन, मुद्दे

– तहसील प्रशासन के पटवारियों की बल्ले बल्ले किसान त्रस्त हैं।

– लेखपाल पैमाईश में गड़बड़ करते हैं। अधिकारी उन्हें सुधार ले।

– एसडीएम फोन नहीं उठाती हैं। हतधर्मिता से कार्य नहीं चलेगा।

– रेत खनन करने में कोई करवाई नहीं होती।

– किसान के मिट्टी उठाने में तहसील प्रशास के द्वारा कार्रवाई की जाती हैं।