श्री रामलीला कमेटी कैराना – The Great Indian News And Directory https://news.thegreatindiannewsanddirectory.in News Portal Wed, 01 Oct 2025 03:21:06 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 https://news.thegreatindiannewsanddirectory.in/wp-content/uploads/2025/04/The_Great_India_News_And_Directory_Logo_.png श्री रामलीला कमेटी कैराना – The Great Indian News And Directory https://news.thegreatindiannewsanddirectory.in 32 32 अंगद ने रावण के दरबार में किया युद्ध का ऐलान https://news.thegreatindiannewsanddirectory.in/2025/10/01/%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%a6-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95/ Wed, 01 Oct 2025 03:20:13 +0000 https://news.thegreatindiannewsanddirectory.in/?p=3748 Read More]]>

अंगद ने रावण के दरबार में किया युद्ध का ऐलान

Puneet Goel


कैराना: श्री रामलीला मंचन के 14 दिन की लीला का शुभारंभ डा सपन गर्ग व ओर नितिन गर्ग जी समाजसेवी के द्वारा किया गया।

गत सोमवार की रात्रि लंका के राजा रावण अपने दरबार में अपनी सेना के साथ बैठे रहते हैं। और अपने यश और अहंकार और ताकत का गुणगान करते रहते हैं। तभी उन्हें दूत के द्वारा सूचना मिलती है कि हनुमान जी ने उनकी पूरी लंका में आग लगा दी है जिससे चारों तरफ तबाही मची हुई है इसी दौरान रामचंद्र जी नल नील जामवंत सभी की सहायता से रामचंद्र जी सेना सहित सौ योजन के पुल को पत्थरों से तैयार करके समुद्र पार करके सुबेल पर्वत पर पहुंच जाते हैं और जब यह जानकारी रावण के दरबार में पहुंचती है तो विभीषण रावण को हर संभव प्रयास समझाने का करता है परंतु रावण नहीं मानता और विभीषण को और अपने पुत्र परस्त को दरबार से बेज्जती करके निकाल देता है जिससे वो सीधे रामा दल में पहुंच जाता है। और वहां पर रामचंद्र जी की शरण में रहता है रामचंद्र जी विभीषण का राजतिलक करते हुए लंका का अगला राजा बना देते हैं तभी रामचंद्र जी पूजा अर्चना के लिए किसी विद्वान पंडित को बुलाने के लिए कहते हैं जिस पर रावण सीता सहित रामसेतु पर बने शिवलिंग की पूजा कराने के लिए आता है जिसका नाम रामेश्वरम धाम रखा जाता है। और उन्हें आशीर्वाद देकर चला जाता है वही अगले दृश्य में दिखाया गया कि रामा दल के सभी सेनापति जामवंत नल नील अंगद हनुमान विभीषण राम लक्ष्मण युद्ध की योजना बनाते हैं जिस पर रामचंद्र जी उन्हें कहते हैं कि एक बार युद्ध करने से पूर्व रावण को दोबारा दूत भेजकर सचेत किया जाए जिस पर अंगद जी दूत बनकर रावण के दरबार में पहुंच जाते हैं परंतु अहंकारी रावण और उसकी सेना नहीं मानती और अंगद से कहते हैं कि हमारी योद्धा तुम्हारी वानर सेना को खा जाएंगे इसी दौरान अंगद रावण के दरबार में अपना पैर जमा देता है। और रावण से कहता है कि तुम्हारा कोई भी योद्धा यदि मेरा पैर हिला देगा तो अंगद कसम खाकर कहता है कि जानकी जी को हरा देगा जिस पर कोई भी रावण का सेनापति इंद्रजीत मेघनाथ आदि अंगद का पैर हिलाते नहीं पाते तब क्रोधित रावण स्वयं उठकर चलता है और उसका पैर हिलाने के लिए सर झुकाता है तो उसका मुकुट नीचे गिर जाता है और अंगद अपना पैर पीछे हटा कर कहता है कि यदि सर झुकाना है तो रामचंद्र जी की शरण में जा और उसका मुकुट उठाकर रामा दल में फेंक देता है और युद्ध का ऐलान कर के चला जाता है और सारा वृत्तांत रामा दल में आकर रामचंद्र को बताता है।

 

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सिया के हुए राम* https://news.thegreatindiannewsanddirectory.in/2025/09/23/ram-became-siyas/ Tue, 23 Sep 2025 10:01:25 +0000 https://news.thegreatindiannewsanddirectory.in/?p=3720 Read More]]>

*सिया के हुए राम*

कैराना । गौशाला भवन कैराना में चल रहे श्री रामलीला महोत्सव में छठे दिन भगवान राम की लीला का मंचन किया गया l साथ ही लीला का

शुभारंभ सराफा यूनियन के अध्यक्ष राकेश वर्मा के द्वारा द्वीप प्रज्जलित कर किया गया। जिसमें राजा जनक मुनादी करवाते हैं कि सीता का स्वयंवर रचाया गया है जो भी शंभू चाप तोड़ेगा वही सीता जी का पति कहलाएगा जिसके पालन में मुनादी कराई जाती है और स्वयंवर रचाया जाता है जहां पर दूर दूर के राजा स्वयंवर में आते हैं परंतु शंभू चाप को हिला भी नहीं पाता है वहीं रावण भी स्वयंवर में पहुंचता है परंतु वह भी कपट के द्वारा वापस भेज दिया जाता है तभी जनाक जी क्रोधित हो जाते है और सबको भली बुरी कहने लगते है तब लक्ष्मण जी जनक पर क्रोधित हो जाते हैं और तब विश्वामित्र जी उनको शांत करते हैं और राम जी को धनुष तोड़ने की आज्ञा देते है l ओर राम जी धनुष तोड़ देते है तभी क्रोधित परशुराम स्वयंवर में पहुंच जाते हैं और धनुष तोड़ने वाले की जानकारी चाहते है तो लक्ष्मण जीउनकी मजाक बनाते है तब वह ओर क्रोधित हो जाते है और तब राम जी उनको शांत करते हैं और तब परशुराम राम जी को पहचान लेते है और माफी मांगते हैं l सीनरी डायरेक्टर सुनील कुमार टिल्लू अभिषेक गोयल ऋषभ कुछल ने बहुत ही सुंदर सीनरी लगाई l
राम का अभिनय सतीश प्रजापति लक्ष्मण का राकेश प्रजापति सीता जी शिवम गोयल परशुराम अमन गोयल रावण शगुन मित्तल मुनादी राकेश गर्ग विश्वामित्र आशु गर्ग राजा सोनू कश्यप सागर मित्तल वाशु मित्तल अंकित जिंदल आशीष सैनी विराट नामदेव जनक का अभिनय रिशिपाल शेरवाल राजा अनमोल शर्मा पुनीत गोयल सखी शिव शर्मा ने किया। वही कार्यक्रम के दौरान कलाकारों पर इनामो की बौछार लग गई ।इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष जयपाल सिंह कश्यप, सचिव आलोक गर्ग, कोषाध्यक्ष संजू वर्मा, रोहित प्रमोद गोयल डाक्टर रामकुमार गुप्ता अतुल कुमार गर्ग, सुशील कुमार सिंघल, शगुन मित्तल एडवोकेट सभासद राकेश गर्ग, राकेश सिंघल डिंपल अग्रवाल अमित सिंघल (काल प्रभारी), राजेश नामदेव ,मनोज कुमार मित्तल सोनू नेता,अभिषेक गोयल विजय नारायण सागर गर्ग रविन्द्र कुमार अनुज प्रजापति,अनिल गोयल सुनील कुमार टिल्लू विराट नामदेव पंकज सिंघल सुशील सिंघल रणवीर कश्यप काका राकेश गोयल आशीष नामदेव सिंघल, नरेश सचिन शर्मा ,काका अंकित जिंदल अमित कुमार सैन आदि मौजूद रहे l इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से चौकी प्रभारी किला गेट विनोद कुमार राघव के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा ओर पालिका की ओर से विशेष सफाई व्यवस्था कराते हुए कली चुने आदि की व्यवस्था कराई गई l

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रावण को वेदवती का श्राप, सीता जी का हुआ जन्म https://news.thegreatindiannewsanddirectory.in/2025/09/19/vedavati-curses-ravana-and-sita-is-born/ Fri, 19 Sep 2025 15:56:04 +0000 https://news.thegreatindiannewsanddirectory.in/?p=3706 Read More]]>

रावण को वेदवती का श्राप, सीता जी का हुआ जन्म

श्रीरामलीला महोत्सव में अद्भुत नाट्य मंचन, श्रद्धालुओं की रही भारी भीड़

Puneet Goel

कैराना। नगर की श्री गौशाला भवन में इन दिनों श्रीरामलीला महोत्सव बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। महोत्सव के दूसरे दिन की लीला का शुभारंभ जनकराज तिवारी (हिमालय मॉडल स्कूल) एवं मुकेश सिंघल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके उपरांत रावण–वेदवती संवाद का मंचन प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।

लीला के प्रथम दृश्य में दिखाया गया कि राक्षसराज रावण वन विहार करते समय भगवान विष्णु की परम भक्त एवं ऋषि कुशद्वज की पुत्री वेदवती को देख मोहित हो जाता है। वह उसे अपने वश में करने का प्रयास करता है, किंतु वेदवती उसके अनैतिक प्रस्ताव को अस्वीकार कर देती है। क्रोधित रावण जब बलपूर्वक उसे स्पर्श करता है, तब वेदवती उसे श्राप देती है कि — “मैं अभी सती होकर देह त्याग करती हूँ, परंतु पुनः जन्म लेकर तेरे विनाश का कारण बनूँगी।” तत्पश्चात् वेदवती अग्नि में समाहित हो जाती है और बाद में सीता जी के रूप में जन्म लेती हैं।

दूसरे दृश्य में दिखाया गया कि रावण अपने पुष्पक विमान द्वारा मारीच के साथ कैलाश पर्वत की यात्रा करता है। किंतु भगवान शंकर की तपोभूमि के समीप पहुँचते ही उसका विमान रुक जाता है। नंदीगण और मारीच उसे समझाते हैं, परंतु रावण अहंकारवश पर्वत को उठाने का प्रयास करता है और असफल होता है। अंततः वह पश्चाताप करता है और भगवान शंकर से क्षमा मांगता है। प्रसन्न होकर भगवान शंकर उसे चंद्रहास नामक दिव्य तलवार प्रदान करते हैं तथा वर देते हैं कि जब तक इसकी श्रद्धा-पूर्वक पूजा करेगा, तब तक कोई शत्रु उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकेगा।

तीसरे दृश्य में रावण अपने पुत्र मेघनाद को आदेश देता है कि सभी देवताओं एवं ऋषि-मुनियों को बंधक बनाकर लाया जाए। मेघनाद देवताओं को कैद कर उनका रक्त एक घड़े में भर लाता है। क्रोधित ऋषि-मुनि उसे श्राप देते हैं कि यही रक्त भविष्य में विकराल रूप धारण कर तेरे कुल का सर्वनाश करेगा। तत्पश्चात् मेघनाद वह रक्तपात्र रावण को सौंप देता है, और रावण उसे मिथिलापुरी में दबाने का आदेश देता है। समय बीतने पर वहाँ भयंकर अकाल पड़ता है। राजा जनक और उनकी पत्नी जब हल से भूमि जोतते हैं, तभी धरती से माता सीता प्रकट होती हैं।

इस मनमोहक नाट्य मंचन में –

रावण की भूमिका सभासद शगुन मित्तल एडवोकेट ने,

वेदवती की भूमिका शिवम गोयल ने,

भगवान शंकर की भूमिका मनोज मित्तल ने,

नंदीगण का अभिनय देव गर्ग ने,

मेघनाद की भूमिका आशीष सैनी ने,

तथा मारीच की भूमिका आशीष नामदेव ने प्रभावी ढंग से निभाई।

कार्यक्रम में श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष जयपाल सिंह कश्यप, सचिव आलोक गर्ग, कोषाध्यक्ष संजू वर्मा सहित *अनिल कुंगरवाल, रोहित, प्रमोद गोयल, डॉ. रामकुमार गुप्ता, अतुल कुमार गर्ग, सुशील कुमार सिंघल, राकेश गर्ग, डिंपल अग्रवाल, अमित सिंघल (काल प्रभारी), राकेश प्रजापत, राजेश नामदेव, पुनीत कुमार गोयल, मनोज मित्तल, सोनू नेता, अभिषेक गोयल, विजय नारायण, सागर गर्ग, रविन्द्र कुमार, अनुज प्रजापति, अनिल गोयल, सुनील कुमार टिल्लू, आशीष सैनी, अनमोल शर्मा, अमन गोयल, विराट नामदेव, पंकज सिंघल, सुशील सिंघल, निक्की, रणवीर कश्यप, काका राकेश गोयल, अतुल एडवोकेट, आशीष नामदेव, शिवम गोयल, अश्विन सिंघल, नरेश, सचिन शर्मा, अंकित जिंदल, सागर मित्तल, अभिषेक भारद्वाज, तुषार वर्मा, अमित कुमार सैन आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

इस अवसर पर नगर में भारी भीड़ रही। सुरक्षा की दृष्टि से किला गेट चौकी प्रभारी विनोद कुमार राघव के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात किया गया। वहीं, नगरपालिका की ओर से विशेष सफाई व्यवस्था के साथ चुना व अन्य सुविधाओं की व्यवस्था कराई गई।

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कैराना में भव्य श्रीरामलीला मंचन का शुभारंभ 17 सितंबर से https://news.thegreatindiannewsanddirectory.in/2025/09/16/%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%b2/ Tue, 16 Sep 2025 05:38:06 +0000 https://news.thegreatindiannewsanddirectory.in/?p=3636 Read More]]>

कैराना में भव्य श्रीरामलीला मंचन का शुभारंभ 17 सितंबर से

Puneet Goel

कैराना। नगर की सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं को जीवित रखते हुए श्री रामलीला कमेटी कैराना द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भव्य श्रीरामलीला मंचन का आयोजन किया जा रहा है।

यह पावन मंचन आगामी बुधवार, दिनांक 17 सितंबर 2025 को नगर के गौशाला भवन, में सायं 7:00 बजे से आरंभ होगा। श्री रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र, आदर्शों एवं मर्यादाओं पर आधारित यह मंचन न केवल धर्म के प्रति आस्था को प्रगाढ़ करता है, बल्कि समाज को आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा भी प्रदान करता है।

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर भगवान श्री गणेश जी एवं मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के पूजन-अर्चन के साथ विधिवत मंचन का प्रारंभ किया जाएगा। समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालु नागरिकों से आग्रह किया है कि वे परिवार सहित इस आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित होकर भगवान श्रीराम एवं भगवान गणेश जी का आशीर्वाद प्राप्त करें।

रामलीला कमेटी का कहना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान न होकर, सामाजिक एकता एवं सांस्कृतिक चेतना को भी सशक्त करने का माध्यम है। नगर ही नहीं, अपितु आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी भक्तजन इस मंचन में सम्मिलित होकर अपनी आस्था व्यक्त करेंगे।

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